12/11 मुंबई अटैक: मुंबई के पांच प्रमुख हमले के स्थान और उनकी कहानी
12/11 मुंबई अटैक भारत के इतिहास में सबसे डरावने आतंकवादी हमलों में से एक था। इस हमले में आतंकवादियों ने शहर के कई प्रमुख स्थानों पर हमला किया। आइए जानते हैं उन पांच मुख्य जगहों के बारे में:
चत्रपति शिवाजी टर्मिनस (CST)

चत्रपति शिवाजी टर्मिनस, मुंबई का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन है। 26/11 की रात आतंकवादियों ने CST पर हमला किया। उन्होंने स्टेशन पर गोलीबारी और धमाके किए, जिससे हजारों यात्रियों में भगदड़ मच गई।
आतंकियों ने यात्रियों पर सीधे गोलीबारी की।
कई लोग मारे गए और घायल हुए।
इस हमले ने यह दिखाया कि भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान कितने असुरक्षित हो सकते हैं।
CST पर हुए हमले ने सुरक्षा बलों के लिए चुनौती पेश की, क्योंकि यह स्थान बहुत बड़ा और लोगों से भरा हुआ था।
ताज होटल

ताज महल पैलेस होटल मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध होटल में से एक है। आतंकवादियों ने होटल में घुसकर आतंकी गतिविधि शुरू की।
आतंकवादियों ने होटल के गेस्ट्स और स्टाफ पर गोलीबारी की।
होटल में आग लगाई गई और आग बुझाने में घंटों लग गए।
NSG और मुंबई पुलिस ने होटल में मुठभेड़ कर आतंकियों को खत्म किया।
यह हमला सिर्फ लोगों की जान को नहीं बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को भी निशाना बना रहा था।
ओबेरॉय ट्रायडेंट होटल

ओबेरॉय होटल, ताज के पास ही स्थित था। यहाँ भी आतंकवादियों ने घुसपैठ की और कई लोगों को बंधक बना लिया।
आतंकवादियों ने होटल में बंदूक का इस्तेमाल किया।
आगजनी और बम विस्फोट भी हुए।
सुरक्षा बलों ने होटल के अंदर घुसकर आतंकियों को खत्म किया और लोगों को सुरक्षित निकाला।
ओबेरॉय और ताज होटल पर हुए हमलों ने मुंबई के लक्जरी होटल्स को भी खतरे में डाल दिया।
नरीमन हाउस (यहूदी केंद्र)

नरीमन हाउस, यहूदी समुदाय का एक सांस्कृतिक और शैक्षिक केंद्र है। आतंकवादियों ने यहाँ घुसकर कई लोगों को बंधक बना लिया।
यह हमला धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र को निशाना बना रहा था।
सुरक्षा बलों ने घंटों की मुठभेड़ के बाद आतंकियों को खत्म किया।
कई लोगों की जान बचाई गई, लेकिन कुछ लोगों ने अपनी जान गंवाई।
यह घटना दर्शाती है
कॉलाबा और लियोपोल्ड कैफे

निष्कर्ष
12/11 मुंबई अटैक ने मुंबई के पांच प्रमुख स्थानों पर आतंकवाद का भयानक चेहरा दिखाया। CST, ताज होटल, ओबेरॉय होटल, नरीमन हाउस और लियोपोल्ड कैफे पर हुए हमलों ने यह सिखाया कि आतंकवाद किसी भी समय और किसी भी जगह हमला कर सकता है।
इस घटना से न केवल शहर बल्कि पूरे देश ने यह जाना कि सुरक्षा, सतर्कता और एकजुटता ही आतंकवाद के खिलाफ हमारी सबसे बड़ी ताकत है
